नई दिल्ली : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को बड़ा फैसला लेते हुए टीम की कप्तानी छोड़ दी। उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल—तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से तत्काल प्रभाव से हटने का ऐलान किया है। हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी।
हरमनप्रीत ने अपने संदेश में कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला उनके लिए आसान नहीं था। इस सफर में वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और कई ऐसे पल जुड़े हैं, जो हमेशा उनके साथ रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने भारतीय टीम और महिला क्रिकेट को अपना पूरा योगदान दिया और कई मौकों पर टीम को अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर रखा।

विश्व कप जीत और एशियन गेम्स में सफलता
हरमनप्रीत कौर के कप्तानी कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत को 2025 महिला वनडे विश्व कप जिताना शामिल है। उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। हाल ही में उन्होंने 2026 एशियन गेम्स में भी भारतीय महिला टीम को स्वर्ण पदक दिलाया।
हरमनप्रीत ने 2016 में टी20 टीम की कमान संभाली थी। 2022 में मिताली राज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद वह वनडे और टेस्ट में भी पूर्णकालिक कप्तान बनीं।

क्रिकेट से संन्यास नहीं
कप्तानी छोड़ने के फैसले का मतलब हरमनप्रीत कौर का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं है। वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व जारी रखेंगी। उन्होंने अपने संदेश में भी संकेत दिया कि अब वह दोबारा खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।
