सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सामने आए करीब 20 फीट गहरे कुएं को लेकर सोमवार को बड़ा अपडेट सामने आया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं की जांच की। टीम ने इसकी संरचना और निर्माण शैली का निरीक्षण करने के साथ कुछ नमूने भी लिए हैं। अब इनकी जांच के बाद कुएं की वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
20 फीट गहरे कुएं में उतरी ASI की टीम
मस्जिद का मलबा हटाए जाने के बाद जमीन के नीचे यह पुरानी संरचना सामने आई थी। सोमवार को ASI के अधिकारियों ने कुएं के अंदर उतरकर उसकी बनावट का निरीक्षण किया। शुरुआती जांच में लखौरी ईंटों के इस्तेमाल के संकेत मिलने की बात सामने आई है। ASI की ओर से अभी कुएं की उम्र को लेकर अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के आधार पर इसे करीब 200 से 250 साल पुरानी संरचना होने की संभावना बताई गई है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष नमूनों और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि कुआं निश्चित रूप से 200 या 250 साल पुराना है। ASI की वैज्ञानिक जांच के बाद ही इसकी सही उम्र और निर्माण काल निर्धारित किया जा सकेगा।
सिटी मजिस्ट्रेट समेत अधिकारी रहे मौजूद
कुएं की जांच के दौरान प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट समेत अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। क्षेत्र में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ASI टीम ने अपनी जांच पूरी की। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कुएं का निर्माण कब हुआ, इसमें किस प्रकार की निर्माण सामग्री इस्तेमाल हुई और क्या इसका कोई पुरातात्विक महत्व है।
सपा का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचा सहारनपुर
दूसरी ओर मस्जिद प्रकरण को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचा।प्रतिनिधिमंडल में मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक समेत कई नेता शामिल रहे। कुछ नेताओं को सर्किट हाउस में रोके जाने और नजरबंद किए जाने की भी जानकारी सामने आई। हरेंद्र मलिक ने प्रशासन के सामने मामले को लेकर अपनी बात रखी और प्रतिनिधिमंडल की ओर से ज्ञापन भी सौंपा। इससे पहले कई सपा नेताओं को उनके घरों पर ही रोक दिया गया था। वहीं कांग्रेस की ओर से भी सहारनपुर जाने की कोशिश की गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह पार्टी प्रतिनिधिमंडल के साथ सहारनपुर जाकर मस्जिद कमेटी और प्रभावित लोगों से मुलाकात करने वाले थे।
इमरान मसूद ने कुएं को बताया अहम सबूत
सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कुएं के सामने आने को मामले में महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने इसे अपने पक्ष में अहम सबूत बताते हुए कहा कि अब इस मामले को कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि कुएं की ऐतिहासिक उम्र या उससे जुड़े किसी निष्कर्ष पर अंतिम फैसला ASI की जांच के बाद ही माना जाएगा।
विवाद की जड़ क्या है?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया के बाद मस्जिद को हटाया गया। इसके बाद मलबा हटाए जाने के दौरान जमीन के नीचे पुरानी संरचना के रूप में करीब 20 फीट गहरा कुआं सामने आया। कुएं के सामने आने के बाद इसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर सवाल उठने लगे। इसी को देखते हुए ASI से इसकी जांच कराई गई है। फिलहाल जांच के बाद लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है।
