2 अक्टूबर को गांवों में जुटेगी ग्राम सभा, विकास की नई योजनाओं पर होगा मंथन

नई दिल्ली : देश में 2 अक्टूबर का दिन इस बार भी महात्मा गांधी की जयंती के रूप में मनाया जाएगा। गांधी जयंती के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय विकास को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। गांवों में होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में लोगों की भागीदारी से विकास की प्राथमिकताएं तय करने पर जोर रहेगा।


गांव के मुद्दों पर सीधे होगी चर्चा


2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीण अपने क्षेत्र से जुड़े जरूरी मुद्दे उठा सकेंगे। सड़क, पानी, स्वच्छता, रोजगार, सरकारी योजनाओं का लाभ और दूसरी स्थानीय जरूरतों जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इन बैठकों का मकसद केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि गांव के लोगों को विकास की योजना तैयार करने की प्रक्रिया से जोड़ना भी है।


‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान की शुरुआत


2 अक्टूबर से ‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान के तहत अगले वित्त वर्ष की ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करेंगी।
इस प्रक्रिया में ग्राम सभा की भूमिका अहम रहेगी, क्योंकि स्थानीय लोगों के सुझावों के आधार पर यह तय किया जाना है कि गांव में किन कामों को प्राथमिकता दी जाए।


स्वच्छता पर भी रहेगा विशेष जोर


गांधी जयंती के मौके पर स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। गांवों में साफ-सफाई, कचरे के उचित निस्तारण और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर रहेगा। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ उनके स्वच्छता, सादगी और अहिंसा से जुड़े विचारों को भी याद किया जाएगा।


दुनिया में अहिंसा का संदेश भी देता है 2 अक्टूबर


भारत में 2 अक्टूबर महात्मा गांधी की जयंती है, जबकि दुनियाभर में यह दिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के तौर पर भी जाना जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने गांधी के जन्मदिन को अहिंसा के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मान्यता दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *