नई दिल्ली : भारतीय महिला क्रिकेट टीम को नया कप्तान मिल गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया। वह अब टीम की फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तान होंगी। मंधाना ने कप्तानी में हरमनप्रीत कौर की जगह ली है, जिन्होंने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने का फैसला किया है।
18 जुलाई 1996 को हुआ जन्म
स्मृति मंधाना का जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। उनका परिवार बाद में महाराष्ट्र के सांगली में रहने लगा और यहीं से उनके क्रिकेट करियर को मजबूत आधार मिला। महज नौ साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट ट्रायल में हिस्सा लिया था। अपने बड़े भाई को क्रिकेट खेलते देखकर उन्होंने बाएं हाथ से बल्लेबाजी करना सीखा, जबकि वह स्वाभाविक रूप से दाएं हाथ की हैं। 11 साल की उम्र में महाराष्ट्र अंडर-19 टीम में जगह बनाने के बाद उन्होंने तेजी से आगे बढ़ते हुए सीनियर क्रिकेट में कदम रखा।
2013 में भारत के लिए शुरुआत
मंधाना ने 5 अप्रैल 2013 को बांग्लादेश के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके कुछ दिन बाद 10 अप्रैल 2013 को उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ ही वनडे डेब्यू किया। अपने दूसरे ही वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 102 रन बनाकर उन्होंने संकेत दे दिया था कि भारतीय क्रिकेट को एक बड़ी बल्लेबाजी प्रतिभा मिल चुकी है। 2014 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट में अर्धशतक लगाकर टीम की ऐतिहासिक जीत में अहम योगदान दिया।
2017 वर्ल्ड कप ने बदली पहचान
स्मृति के करियर का सबसे यादगार शुरुआती दौर 2017 महिला वनडे वर्ल्ड कप रहा। लंबे समय तक चोट के कारण मैदान से दूर रहने के बाद उन्होंने टूर्नामेंट में शानदार वापसी की। वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 106* रन की शानदार पारी खेली। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ 90 रन की पारी ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं। यही वह दौर था जब मंधाना विश्व क्रिकेट में भारत की सबसे खतरनाक ओपनर्स में गिनी जाने लगीं।
रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड, दुनिया की नंबर-1 बल्लेबाजों में शामिल
मंधाना ने समय के साथ तीनों फॉर्मेट में अपनी पहचान बनाई। 2024 में उन्हें ICC Women’s ODI Cricketer of the Year का पुरस्कार मिला और वह ICC की शीर्ष वनडे बल्लेबाजों में लगातार बनी रहीं।
सितंबर 2026 में हांगकांग के खिलाफ सिर्फ 64 गेंदों पर 124 रन की पारी ने उनके करियर को एक और ऐतिहासिक मुकाम दिया। इस पारी के दौरान वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनीं और उनके अंतरराष्ट्रीय शतकों की संख्या 18 हो गई। उन्होंने मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मंधाना भारत के लिए 9 टेस्ट, 120 वनडे और 179 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। उनके नाम टेस्ट में 788, वनडे में 5,411 और टी20 इंटरनेशनल में 4,867 रन हैं। वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर 136 और टी20 इंटरनेशनल में 124 रन है। महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाजों में शीर्ष पर पहुंच चुकी हैं।
कप्तानी का अनुभव पहले से मौजूद
स्मृति के लिए भारतीय टीम की कप्तानी बिल्कुल नई जिम्मेदारी नहीं है। वह पहले ही 18 टी20 इंटरनेशनल और 4 वनडे में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं। 2019 में वह महज 22 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की सबसे युवा टी20 कप्तान बनी थीं। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उन्होंने खुद को सफल कप्तान साबित किया है। उनकी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2024 और 2026 में महिला प्रीमियर लीग (WPL) का खिताब जीता। BCCI ने भी उनके चयन के पीछे उनके घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के नेतृत्व अनुभव को प्रमुख वजहों में गिना है।
मंधाना को ही क्यों मिली कप्तानी?
मंधाना को कप्तानी सौंपने के पीछे कई वजहें हैं। सबसे पहली वजह उनका एक दशक से ज्यादा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। वह 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और मौजूदा टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। दूसरी बड़ी वजह उनका लगातार शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन है। वह टीम की शीर्ष क्रम की सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में हैं और मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालने के साथ तेजी से रन बनाने की क्षमता रखती हैं। तीसरी वजह उनका कप्तानी का अनुभव है। भारत की कप्तानी के अलावा वह RCB को दो WPL खिताब दिला चुकी हैं। BCCI ने उनके नेतृत्व, अनुभव और खेल की समझ को कप्तानी के लिए महत्वपूर्ण बताया है। इसके अलावा वह लंबे समय से हरमनप्रीत कौर की डिप्टी रही हैं, इसलिए टीम के सिस्टम और ड्रेसिंग रूम को अच्छी तरह समझती हैं।
हरमनप्रीत के बाद नई शुरुआत
मंधाना की कप्तानी ऐसे समय में आई है जब भारतीय महिला क्रिकेट एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। उनके नेतृत्व में भारत ने 2025 में अपना पहला महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता और 2026 में एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया। हरमनप्रीत बतौर खिलाड़ी टीम के साथ बनी रहेंगी। अब जिम्मेदारी स्मृति मंधाना के कंधों पर है। उनकी पहली बड़ी चुनौती टीम को नए नेतृत्व में आगे ले जाना और भारतीय महिला क्रिकेट की हालिया सफलताओं को अगले स्तर तक पहुंचाना होगी। भारत का अगला अभियान 16 अक्टूबर 2026 से जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज से शुरू होगा।
स्मृति मंधाना का सफर एक नजर में
- जन्म: 18 जुलाई 1996, मुंबई
- भारत डेब्यू: 2013
- टी20 इंटरनेशनल: 179 मैच, 4,867 रन
- वनडे: 120 मैच, 5,411 रन
- टेस्ट: 9 मैच, 788 रन
- अंतरराष्ट्रीय शतक: 18
- भारत की कप्तानी: 18 T20I, 4 ODI
- WPL कप्तानी: RCB को 2024 और 2026 में चैंपियन बनाया
- 2026 की बड़ी उपलब्धि: महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन और सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड अपने नाम किया
- नई जिम्मेदारी: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तान
