देशभर में आज गणेश चतुर्थी के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ हो गया है। श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

घर-घर विराजेंगे गणपति बप्पा
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा है। श्रद्धालु बप्पा को घर लाकर उनकी पूजा करते हैं और सुख-समृद्धि, बुद्धि, सफलता तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। सार्वजनिक गणेश पंडालों में भी विशेष पूजा, आरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
क्यों खास है गणेश चतुर्थी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान, शुभता और विघ्नों को दूर करने वाला देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश जी की पूजा करने की परंपरा है।

पंडालों में दिखेगा भव्य नजारा
गणेशोत्सव के दौरान शहरों और कस्बों में सार्वजनिक गणेश पंडाल सजाए जाते हैं। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और अलग-अलग थीम पर आधारित सजावट के बीच गणपति की प्रतिमा स्थापित की जाती है। कई स्थानों पर भजन, कीर्तन, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
बाजारों में भी बढ़ी रौनक
गणेश चतुर्थी को लेकर बाजारों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजा सामग्री, फूल, सजावटी सामान और प्रसाद की खरीदारी के लिए लोग बाजार पहुंच रहे हैं। मूर्तिकारों और दुकानदारों के लिए भी गणेशोत्सव महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

पर्यावरण अनुकूल उत्सव पर जोर
गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जागरूकता बढ़ रही है। कई स्थानों पर श्रद्धालु और आयोजन समितियां मिट्टी तथा प्राकृतिक सामग्री से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका उद्देश्य विसर्जन के दौरान जल स्रोतों पर पड़ने वाले पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना है।
कब होगा गणपति विसर्जन?
इस साल गणेशोत्सव का प्रमुख समापन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इसी दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। हालांकि कई परिवार और आयोजन समितियां अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद भी विसर्जन करती हैं।

भक्ति में डूबेगा देश
गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। अलग-अलग क्षेत्रों में लोग एक साथ मिलकर पूजा और कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। अगले कई दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंजेंगे। गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुए इस उत्सव में श्रद्धालु भगवान गणेश से परिवार और समाज में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं।
