लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। चुनाव में अभी कई महीने बाकी हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कांग्रेस समेत प्रमुख दलों ने संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने और जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियों को गति देने पर जोर बढ़ा दिया है। हाल के दिनों में बैठकों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और संभावित चुनावी रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हुई हैं।
BJP ने बूथ स्तर तक संगठन पर बढ़ाया फोकस
BJP की ओर से 2027 चुनाव की तैयारियों में संगठन को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने प्रदेश में सांसदों, विधायकों, जिला पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय, स्थानीय स्तर की चुनौतियों और बूथ स्तर पर तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है।
सपा ने 75 जिलों के लिए अलग रणनीति पर जोर दिया
समाजवादी पार्टी भी चुनावी तैयारी में स्थानीय मुद्दों और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। अखिलेश यादव की ओर से 75 जिलों के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करने की योजना सामने आई है। इसके तहत प्रदेश स्तर के घोषणापत्र के साथ प्रत्येक जिले की स्थानीय समस्याओं और अपेक्षाओं को अलग से शामिल करने की बात कही गई है। सपा की गतिविधियों में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिखाई दे रहा है। पार्टी स्तर पर बूथ समितियों में अलग-अलग सामाजिक समूहों की भागीदारी बढ़ाने और गांवों में PDA पंचायतों के जरिए जमीनी फीडबैक लेने की खबरें सामने आई हैं।
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की चर्चा
सपा और कांग्रेस के बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तालमेल और सीट बंटवारे की चर्चा भी राजनीतिक हलकों में है। सीटों की संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने भी अपने संगठन को सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पार्टी के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम 20 सितंबर को लखनऊ में सक्रिय और पूर्व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम करने वाले हैं। इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं से सीधे फीडबैक लेना और संगठनात्मक स्तर पर संवाद मजबूत करना बताया गया है।
BSP की भी बड़ी बैठक, मायावती ने बढ़ाई सक्रियता
बहुजन समाज पार्टी ने भी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। मायावती ने 23 सितंबर 2026 को पार्टी की बड़ी बैठक बुलाई है। बैठक में आगामी चुनाव की तैयारियों और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले मायावती ने आगामी चुनावों को लेकर BSP के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की बात कही थी। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी ने किसी गठबंधन पर निर्भर रहने के बजाय अपने संगठन और जनाधार के आधार पर चुनाव लड़ने की रणनीति की घोषणा की है।
दलित और पिछड़ा वोटबैंक बना अहम राजनीतिक मुद्दा
2027 चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में दलित और पिछड़े वर्गों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। BJP, SP और कांग्रेस के अलावा BSP और आजाद समाज पार्टी जैसे दल भी इन सामाजिक समूहों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने में जुटे हैं। SP की ओर से PDA रणनीति को आगे बढ़ाने की कोशिशों के बीच BSP प्रमुख मायावती ने सपा की दलित राजनीति पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं। दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली है।
चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर फिलहाल अलग-अलग राजनीतिक दल अपने संगठन, कार्यकर्ताओं और स्थानीय मुद्दों पर फोकस बढ़ा रहे हैं। BJP बूथ और संगठनात्मक समन्वय पर जोर दे रही है, SP स्थानीय घोषणापत्र और PDA संपर्क अभियान के जरिए अपनी तैयारी कर रही है, BSP ने संगठनात्मक बैठकें बढ़ाई हैं, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद पर जोर दे रही है।
