नई दिल्ली : भारत की मेजबानी में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का शनिवार, 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आगाज हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में भारत मंडपम में हो रहे इस सम्मेलन में BRICS देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन के दौरान वैश्विक शासन, बहुपक्षीय सहयोग, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

भारत मंडपम में शुरू हुई अहम बैठक
BRICS Summit के पहले दिन नेताओं के बीच वैश्विक सहयोग और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हो रही है। भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन के जरिए संगठन के भीतर व्यावहारिक आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सम्मेलन में व्यापार और निवेश बढ़ाने, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुख एजेंडे में हैं। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाना भी सम्मेलन की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।

मोदी-पुतिन की अहम मुलाकात
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी आगे बढ़ने की दिशा में चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने पर भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र के संघर्षों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार साझा किए।

सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। करीब सात साल बाद उनकी भारत यात्रा हो रही है। उनके दिल्ली पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी प्रस्तावित द्विपक्षीय मुलाकात पर खास नजर बनी हुई है। मोदी-जिनपिंग बातचीत में भारत-चीन संबंधों, व्यापार और बाजार पहुंच के साथ सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में रहे तनाव के बाद यह मुलाकात कूटनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दुनिया की बदलती तस्वीर के बीच अहम सम्मेलन
इस बार BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक और आर्थिक संकटों से गुजर रही है। यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार में बदलाव जैसे मुद्दों का असर सदस्य देशों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में सम्मेलन में BRICS देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। भारत मंडपम, प्रमुख होटलों और वीआईपी आवागमन वाले मार्गों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सम्मेलन के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर भी दिल्ली में विशेष प्रबंध किए गए हैं।
