नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में भारतीय खेल पोशाक (जर्सी) पहने हुए बिना हाथों वाली एक युवा लड़की को जिम्नास्टिक्स फ्लोर पर हैरतअंगेज स्टंट करते और बाद में भावुक होते हुए दिखाया गया है। फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और वॉट्सऐप पर कई यूजर्स इस वीडियो को असली भारतीय एथलीट का बताकर शेयर कर रहे हैं। लोग इसे ‘असाधारण प्रतिभा’ और ‘देश का गौरव’ बताकर जमकर साझा कर रहे हैं। लेकिन हमारी तकनीकी जांच और फैक्ट-चेक में यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक साबित हुआ है।
पड़ताल में सामने आई सच्चाई: पूरी तरह AI-जनरेटेड है वीडियो
जब इस वायरल क्लिप की गहनता से जांच की गई, तो पता चला कि वीडियो में दिख रही लड़की कोई असली खिलाड़ी नहीं है। यह वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स की मदद से कंप्यूटर पर तैयार किया गया है। साइबर सुरक्षा और फैक्ट-चेक करने वाली संस्थाओं की रिपोर्ट के मुताबिक, यह एक ‘डीपफेक’ या एआई-निर्मित डिजिटल कंटेंट है। वीडियो को फ्रेम-बाय-फ्रेम देखने पर कई तकनीकी गड़बड़ियां (ग्लिट्च) साफ़ नजर आती हैं। इसमें बैकग्राउंड में बैठी भीड़ के चेहरे विकृत और धुंधले हैं, साथ ही लड़की के शारीरिक मूवमेंट में एक अस्वाभाविक डिजिटल बनावट साफ देखी जा सकती है। इंटरनेट पर लोगों को गुमराह करने के लिए इसे जानबूझकर असली खेल प्रतियोगिता जैसा रूप दिया गया है।
इंटरनेट यूजर्स के लिए चेतावनी
डिजिटल दौर में इस तरह के एआई-जनरेटेड वीडियो तेजी से बढ़ रहे हैं, जो हूबहू असली लगते हैं। शरारती तत्व अक्सर लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने और लाइक्स-व्यूज बटोरने के लिए ऐसी काल्पनिक क्लिप्स को असली देश के खिलाड़ियों से जोड़कर फैला देते हैं। किसी भी खेल संघ या आधिकारिक रिकॉर्ड में इस तरह के किसी जिम्नास्टिक्स प्रदर्शन का कोई अस्तित्व नहीं है।
