रूस से लौटे कानपुर के चंदन, बोले- 48 घंटे की हिरासत के बाद अब विदेश जाने से लगता है डर

कानपुर : रूस में कथित हिरासत और कानूनी विवाद का सामना करने के बाद कानपुर निवासी इंजीनियर चंदन गुप्ता अपने घर लौट आए हैं। घर पहुंचने के बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम को साझा करते हुए कहा कि अब विदेश जाने के नाम से भी डर लगता है और भविष्य में नौकरी के लिए विदेश नहीं जाएंगे।

रूस से लौटे चंदन, परिवार ने ली राहत की सांस

कानपुर के यशोदा नगर निवासी इंजीनियर चंदन गुप्ता सुरक्षित रूप से अपने घर लौट आए हैं। कुछ समय पहले उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया था कि उनके पति रूस में मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें मदद की आवश्यकता है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया और विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू हुए। घर लौटने के बाद चंदन ने मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि रूस में वह अपने कुछ दोस्तों के साथ एक पर्यटन स्थल पर घूमने गए थे, तभी अचानक पुलिस वहां पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप

चंदन के अनुसार, पुलिस ने उन पर और उनके साथी आशीष पर नशे की हालत में एक एम्बुलेंस में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्हें करीब 48 घंटे तक थाने में रखा गया और इस दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही। चंदन का कहना है कि हिरासत के दौरान उन्होंने किसी तरह अपने कार्यालय को अपनी लोकेशन और स्थिति की जानकारी भेजी, जिसके बाद मामले में कानूनी सहायता मिल सकी। बाद में यह मामला अदालत तक पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए।

पत्नी ने लगाए दबाव में हस्ताक्षर कराने के आरोप

चंदन की पत्नी स्नेहा गुप्ता ने आरोप लगाया कि रूस में उनके पति और अन्य भारतीय नागरिकों को अनावश्यक परेशान किया गया। उनका कहना है कि हिरासत के दौरान दबाव बनाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसे मामलों पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।

भारतीय दूतावास की मदद पर भी उठाए सवाल

चंदन ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उन्हें भारतीय दूतावास से जिस स्तर की सहायता की उम्मीद थी, वैसी मदद नहीं मिल सकी। हालांकि उन्होंने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके मामले को उठाया और सहायता के लिए प्रयास किए।

विदेश जाने से लगने लगा डर

रूस में हुए अनुभव को याद करते हुए चंदन भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अब विदेश का नाम सुनकर भी डर महसूस होता है। उनका कहना है कि वह भविष्य में नौकरी के लिए विदेश जाने के बारे में नहीं सोचेंगे। चंदन ने कहा कि उनके साथ जो हुआ, उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और ऐसे मामलों में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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