लखनऊ : उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर यूपी बोर्ड ने अब सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के 33 जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति बेहद खराब मिलने के बाद संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है। बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को छह दिन के भीतर सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
10 प्रतिशत से भी कम स्कूलों में दर्ज हो रही ऑनलाइन हाजिरी
यूपी बोर्ड की समीक्षा में सामने आया कि 33 जिलों में 10 प्रतिशत या उससे भी कम विद्यालय छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही और संबंधित DIOS के शिथिल पर्यवेक्षण का मामला माना है। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने संबंधित जिलों के DIOS को निर्देश दिया है कि छह दिनों के भीतर राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
भदोही में 196 स्कूल, लेकिन ऑनलाइन उपस्थिति शून्य
बोर्ड की समीक्षा में भदोही की स्थिति सबसे चिंताजनक सामने आई है। जिले के 196 विद्यालयों में से किसी भी विद्यालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। इसके बाद बोर्ड ने संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी है।
प्रयागराज में भी स्थिति खराब
बोर्ड मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय वाले प्रयागराज में भी ऑनलाइन उपस्थिति का आंकड़ा बेहद कम पाया गया। जिले के 1,110 विद्यालयों में केवल 17 विद्यालयों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की, जो करीब 1.53 प्रतिशत है। इसी तरह उन्नाव में 417 में केवल 2 विद्यालय, मिर्जापुर में 308 में 3, फर्रुखाबाद में 283 में 3 और सहारनपुर में 351 विद्यालयों में केवल 4 विद्यालयों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की।
इन 33 जिलों में कार्रवाई की संस्तुति
जिन जिलों के DIOS के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है, उनमें उन्नाव, मिर्जापुर, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, गोंडा, प्रयागराज, चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, आगरा, बलिया, सोनभद्र, हमीरपुर, आजमगढ़, कौशांबी, कानपुर देहात, जौनपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस, बुलंदशहर, लखनऊ, बांदा, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बहराइच, देवरिया, गोरखपुर और भदोही शामिल हैं।
14 महीने बाद बोर्ड ने बढ़ाई सख्ती
माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति वेब पोर्टल/मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज कराने की व्यवस्था अनिवार्य की गई थी। इसके बावजूद कई जिलों में व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी। अब बोर्ड ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। फिलहाल 33 जिलों के DIOS को छह दिन के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने का मौका दिया गया है।
