कानपुर : एसओजी/स्वाट टीम और रेलबाजार थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जाली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 2 लाख रुपए मूल्य के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
तीन आरोपियों को पुलिस ने दबोचा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौमिल गुप्ता, रोशन अली और शेर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने का काम कर रहे थे।

किराए के कमरे में चलता था नकली नोटों का कारोबार
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किराए का कमरा लेकर वहां प्रिंटर और कंप्यूटर की मदद से नकली नोट छापते थे। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से इन नोटों को लोगों तक पहुंचाया जाता था।
लालच देकर लोगों को बनाते थे शिकार
आरोपी सीधे-साधे लोगों को ज्यादा रकम का लालच देकर ठगी करते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह ₹3,000 असली लेकर बदले में ₹10,000 के जाली नोट देने का झांसा देता था। इसी तरीके से वे नकली करेंसी को बाजार में खपाने का प्रयास करते थे।

पुलिस ने बरामद किए प्रिंटर और कंप्यूटर
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब ₹2 लाख के जाली नोट, एक प्रिंटर, कंप्यूटर सिस्टम, स्याही और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद सामग्री की जांच कर रही है।

पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मुकदमे
पुलिस जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चोरी और एनडीपीएस एक्ट समेत करीब 15 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। तीनों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
3 से 4 महीनों से सक्रिय था गिरोह
प्रारंभिक जांच के अनुसार यह गिरोह पिछले 3 से 4 महीनों से सक्रिय था। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितनी नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई और इसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश और नेटवर्क की जांच जारी है।
