गांधीनगर : गुजरात के गांधीनगर में बुधवार देर रात निर्माणाधीन कमर्शियल इमारत का एक हिस्सा अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना राजधानी के कुडासन इलाके में हुई, जहां निर्माणाधीन इमारत के स्लैब का हिस्सा गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय कई मजदूर निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे।
मलबे में मजदूरों के दबे होने की आशंका
हादसे के बाद शुरुआती तौर पर 10 से 15 मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही गांधीनगर फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
कई मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान कई मजदूरों को मलबे से बाहर निकाला गया। देर रात तक सामने आई जानकारी के अनुसार 13 मजदूरों को रेस्क्यू किया जा चुका था। घायलों को इलाज के लिए गांधीनगर के GMERS सिविल अस्पताल ले जाया गया।
पांच घायल अस्पताल में भर्ती
अधिकारियों के मुताबिक कम से कम पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें दो लोगों को रीढ़ की चोट की जानकारी सामने आई है, हालांकि डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल स्थिर हालत में थे और किसी को तत्काल गंभीर स्थिति में नहीं बताया गया।
क्रेन से हादसे की आशंका
प्रारंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि निर्माण स्थल पर काम के दौरान क्रेन के एक हिस्से से स्लैब को नुकसान पहुंचने के बाद उसके गिरने की आशंका है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह को लेकर प्रशासन की ओर से अभी अंतिम पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच के बाद ही दुर्घटना की सही वजह स्पष्ट होगी।
डिप्टी सीएम और डीजीपी मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना के बाद गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। गुजरात के डीजीपी जीएस मलिक भी मौके पर पहुंचे। वहीं स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंसारिया ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की जानकारी ली।
अहमदाबाद से भी भेजी गई टीम
बचाव अभियान को तेज करने के लिए अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमें भी गांधीनगर भेजी गईं। मौके पर दमकल की गाड़ियां, पुलिसकर्मी और एंबुलेंस लगातार राहत कार्य में जुटे रहे। मलबे को हटाकर यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कोई अन्य मजदूर तो अंदर फंसा नहीं है।
निर्माण सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन इमारतों में सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।
